भोला भगत म्हे थारा लिरिक्स

भोला भगत म्हे थारा लिरिक्स | Sanjay Mittal | खाटू श्याम भजन

भोला भगत म्हे थारा लिरिक्स | मिंच ले आँख्यां पण तू भुला कोणी पावेगो | खाटू श्याम भजन

 


भोला भगत म्हे थारा लिरिक्स (मारवाड़ी श्याम भजन)

भोला भगत म्हे थारा भजन का परिचय

“भोला भगत म्हे थारा” प्रसिद्ध खाटू श्याम भजन है, जिसे सुप्रसिद्ध भजन गायक संजय मित्तल जी ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है। इस भजन के रचयिता कपिल जी हैं। मारवाड़ी और हिंदी के सुंदर मिश्रण में लिखा गया यह भजन भगवान श्री श्याम के प्रति अटूट श्रद्धा, पूर्ण समर्पण और अडिग विश्वास का संदेश देता है।

इस भजन की सबसे लोकप्रिय पंक्ति “मिंच ले आँख्यां पण तू, भुला कोणी पावेगो” भक्त और भगवान के अमर प्रेम को व्यक्त करती है। इसका अर्थ है कि यदि आँखें भी बंद हो जाएँ, तब भी भगवान को भुलाया नहीं जा सकता। यह केवल शब्द नहीं, बल्कि सच्चे भक्त की अनुभूति है।

आज यह भजन खाटू श्याम मंदिरों, भजन संध्याओं, फाल्गुन मेले, जागरणों और सत्संगों में अत्यंत श्रद्धा के साथ गाया जाता है।


भोला भगत म्हे थारा लिरिक्स (Lyrics)

भोला भगत म्हे थारा,
तू ही तो निभावेगो,
मिंच ले आँख्यां पण तू,
भुला कोणी पावेगो।।

तर्ज – सौ साल पहले।



थारे और म्हारे में,

नहीं है फासलो कोई,
सायों है तू म्हारो,
म्हारो तो हौसलो तू ही,
दिल में तू क़ैद म्हारे,
निकल कोणी पावेगो,
मिंच ले आँख्यां पण तू,
भुला कोणी पावेगो।।



झोली ना भरैगो तो,

मैं आँखड़ली ना बहाऊंगा,
इतनो ना गयो गुजरीयो,
बदल जो दर से जाऊंगा,
नकटो हूँ आदत थारी,
कइयां छोड़ावेगो,
मिंच ले आँख्यां पण तू,
भुला कोणी पावेगो।।



ताली दे दे हांसे,

अठे सब म्हारे ऊपर श्याम,
इब हांसे तो हांसे,
अठे कुण आसी म्हारे काम,
काल‌‌जे ‘कपिल’ ने बाबा,
तु ही तो लगावेगो,
मिंच ले आँख्यां पण तू,
भुला कोणी पावेगो।।



भोला भगत म्हे थारा,

तू ही तो निभावेगो,
मिंच ले आँख्यां पण तू,
भुला कोणी पावेगो।।

गायक – संजय मित्तल जी।
लेखक – कपिल जी।


 


भोला भगत म्हे थारा भजन का अर्थ

इस भजन में भक्त अपने आराध्य श्री खाटू श्याम बाबा से कहता है कि वह पूरी तरह उनके भरोसे है। संसार चाहे साथ छोड़े या उपहास करे, लेकिन भगवान अपने भक्त का साथ कभी नहीं छोड़ते। यही विश्वास इस भजन की आत्मा है।

“दिल में तू कैद म्हारे” पंक्ति बताती है कि भगवान किसी मंदिर या मूर्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भक्त के हृदय में निवास करते हैं। इसलिए उन्हें भुलाना संभव नहीं।


आध्यात्मिक संदेश

यह भजन हमें सिखाता है—

  • भगवान पर पूर्ण विश्वास रखें।
  • कठिन समय में भी श्रद्धा न छोड़ें।
  • सच्चा भक्त परिस्थितियों से नहीं, भगवान से जुड़ा रहता है।
  • ईश्वर का प्रेम जीवन का सबसे बड़ा सहारा है।
  • धैर्य रखने वाले भक्त की प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है।

यह भजन कब गाया जाता है?

यह भजन विशेष रूप से इन अवसरों पर गाया जाता है—

  • खाटू श्याम संकीर्तन
  • फाल्गुन मेला
  • एकादशी भजन
  • जागरण
  • सत्संग
  • पारिवारिक भजन संध्या
  • दैनिक पूजा

भजन विवरण

जानकारी विवरण
भजन भोला भगत म्हे थारा
आराध्य श्री खाटू श्याम बाबा
गायक संजय मित्तल जी
गीतकार कपिल जी
भाषा मारवाड़ी
श्रेणी श्याम भजन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भोला भगत म्हे थारा किस भगवान का भजन है?

यह श्री खाटू श्याम बाबा का लोकप्रिय भजन है।

इस भजन को किसने गाया है?

इस भजन को संजय मित्तल जी ने गाया है।

इस भजन के लेखक कौन हैं?

इस भजन की रचना कपिल जी ने की है।

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

भगवान पर अटूट विश्वास और पूर्ण समर्पण।

यह भजन किस भाषा में है?

यह मारवाड़ी और हिंदी मिश्रित भाषा में रचा गया है।


निष्कर्ष

“भोला भगत म्हे थारा” एक ऐसा श्याम भजन है जो हर भक्त को यह विश्वास दिलाता है कि भगवान अपने सच्चे भक्त का साथ कभी नहीं छोड़ते। यदि आपके जीवन में कठिनाइयाँ हैं, तो यह भजन आपको श्रद्धा, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

॥ जय श्री श्याम ॥

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