अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे लिरिक्स

अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे लिरिक्स | खाटू श्याम भजन

अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे लिरिक्स | लगा दो किनारे नैया बनके सहारे | खाटू श्याम भजन

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अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे लिरिक्स

“अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे” एक अत्यंत भावपूर्ण खाटू श्याम भजन है, जिसमें एक भक्त अपने आराध्य श्री श्याम बाबा से जीवनभर का साथ और शरण मांगता है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में समर्पण, विश्वास और ईश्वर के प्रति अटूट प्रेम झलकता है। भक्त अपनी जीवन-नैया को संसार रूपी भवसागर से पार लगाने के लिए श्याम बाबा को अपना एकमात्र सहारा मानता है।

भजन के बोल सरल होते हुए भी गहरे आध्यात्मिक अर्थ समेटे हुए हैं। इसमें भक्त संसार की मोह-माया से दूर होकर केवल भगवान के दर्शन और भजन की इच्छा व्यक्त करता है। यही कारण है कि यह भजन श्याम प्रेमियों के बीच विशेष रूप से भजन संध्या, सत्संग, कीर्तन और खाटू श्याम मंदिरों में श्रद्धा के साथ गाया जाता है।

इस भजन को जयंत सारड़ा (जीतू) ने लिखा और स्वरबद्ध किया है। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति इस रचना को और अधिक हृदयस्पर्शी बना देती है।


अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे लिरिक्स (Lyrics)

अपना बना लो,
मुझे श्याम प्यारे,
लगा दो किनारे नैया,
बनके सहारे।।

तर्ज – सागर किनारे।



ऐसी कृपा हो तेरी,

मुझपे मुरारी,
तू ही दिखे बस मुझको,
नहीं दुनियादारी,
गाऊ भजन मैं तेरे,
सांझ सकारे,
अपना बना लों,
मुझे श्याम प्यारे,
लगा दो किनारे नैया,
बनके सहारे।।



चौखट तुम्हारी,

मंज़िल हमारी,
जब प्राण निकले,
दिखे गिरधारी,
दर्शन को प्यासे,
नयन हमारे,
अपना बना लों,
मुझे श्याम प्यारे,
लगा दो किनारे नैया,
बनके सहारे।।



मैं खो गया हूं,

जग में उलझकर,
लख चौरासी,
भटक भटक कर,
तेरे बिना “जीतू”,
कौन उबारे,
अपना बना लों,
मुझे श्याम प्यारे,
लगा दो किनारे नैया,
बनके सहारे।।



अपना बना लो,

मुझे श्याम प्यारे,
लगा दो किनारे नैया,
बनके सहारे।।

Singer & Lyrics – Jayant Sarda (Jitu)


 


भजन का भावार्थ

इस भजन में भक्त श्री श्याम बाबा से विनती करता है कि वे उसे अपना बना लें और जीवन की कठिन राहों में उसका मार्गदर्शन करें। “लगा दो किनारे नैया” पंक्ति संसार रूपी भवसागर से मुक्ति की प्रार्थना का प्रतीक है।

भक्त यह भी चाहता है कि उसका मन केवल भगवान की भक्ति में लगा रहे और सांसारिक आकर्षण उसे ईश्वर से दूर न कर सकें। अंत में वह स्वीकार करता है कि अनगिनत जन्मों के भटकाव के बाद अब उसके जीवन का सच्चा सहारा केवल श्याम बाबा ही हैं।


इस भजन का आध्यात्मिक संदेश

  • सच्ची शरण केवल भगवान के चरणों में है।
  • संसार का मोह क्षणिक है, लेकिन ईश्वर का प्रेम शाश्वत है।
  • भगवान का नाम और भजन जीवन को सही दिशा देते हैं।
  • समर्पण और विश्वास से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
  • जो भक्त पूरी श्रद्धा से भगवान को पुकारता है, वह कभी अकेला नहीं रहता।

यह भजन कब गाया जाता है?

यह भजन विशेष रूप से इन अवसरों पर गाया जाता है—

  • खाटू श्याम संकीर्तन
  • श्याम बाबा जागरण
  • फाल्गुन मेला
  • एकादशी भजन संध्या
  • सत्संग एवं भक्ति कार्यक्रम
  • दैनिक पूजा एवं भजन

भजन विवरण

विवरण जानकारी
भजन अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे
मुख्य पंक्ति लगा दो किनारे नैया बनके सहारे
आराध्य श्री खाटू श्याम बाबा
गायक जयंत सारड़ा (जीतू)
गीतकार जयंत सारड़ा (जीतू)
तर्ज सागर किनारे
भाषा हिंदी
श्रेणी खाटू श्याम भजन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे किस भगवान का भजन है?

यह भजन श्री खाटू श्याम बाबा को समर्पित है।

इस भजन के गायक कौन हैं?

इस भजन को जयंत सारड़ा (जीतू) ने गाया है।

इस भजन के गीतकार कौन हैं?

इस भजन की रचना भी जयंत सारड़ा (जीतू) ने की है।

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

भगवान की शरण, समर्पण, विश्वास और भक्ति का महत्व इस भजन का मुख्य संदेश है।

यह भजन किस अवसर पर गाया जाता है?

इसे श्याम संकीर्तन, जागरण, सत्संग, फाल्गुन मेले और दैनिक भक्ति के समय गाया जाता है।


निष्कर्ष

“अपना बना लो मुझे श्याम प्यारे” एक ऐसा खाटू श्याम भजन है जो भक्त के हृदय की सच्ची पुकार को व्यक्त करता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि जीवन की हर परिस्थिति में भगवान पर विश्वास बनाए रखना ही सच्ची भक्ति है। यदि आप श्री श्याम बाबा के भक्त हैं, तो यह भजन आपके मन में श्रद्धा, समर्पण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।

॥ जय श्री श्याम ॥

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