खाटू वाले ओ खाटू वाले लिरिक्स | कभी तेरे दर पे हमें भी बुला ले | खाटू श्याम भजन
खाटू वाले ओ खाटू वाले लिरिक्स
खाटू वाले ओ खाटू वाले – श्याम बाबा के दरबार में बुलावे की भावपूर्ण प्रार्थना
“खाटू वाले ओ खाटू वाले” एक अत्यंत मार्मिक खाटू श्याम भजन है, जिसमें एक भक्त अपने आराध्य श्री खाटू श्याम बाबा से विनम्र प्रार्थना करता है कि वे उसे भी अपने पावन दरबार में बुला लें। इस भजन में जीवन की परेशानियों, असहायता और प्रभु की शरण में मिलने वाली शांति का सुंदर वर्णन किया गया है।
भजन की मुख्य पंक्ति “कभी तेरे दर पे हमें भी बुला ले” हर उस श्याम भक्त की भावना को व्यक्त करती है, जिसकी सबसे बड़ी इच्छा बाबा के दर्शन करना और उनकी कृपा प्राप्त करना है। भक्त स्वीकार करता है कि संसार में अनेक कठिनाइयाँ हैं, लेकिन श्याम बाबा का दर ही उसकी सबसे बड़ी आशा और सहारा है।
इस भजन को गौरी शरण इंदौरी जी ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है, जबकि इसके हृदयस्पर्शी बोल ओमी उइके (नागपुर) द्वारा लिखे गए हैं। यह भजन विशेष रूप से श्याम संकीर्तन, जागरण, सत्संग और खाटू धाम यात्रा के अवसरों पर श्रद्धापूर्वक गाया जाता है।
खाटू वाले ओ खाटू वाले लिरिक्स (Lyrics)
खाटू वाले,
ओ खाटू वाले,
कभी तेरे दर पे,
हमें भी बुला ले,
खाटू वाले,
ओ खाटू वाले।।
(तर्ज – जाने वाले ओ जाने वाले)
अपनी जिंदगी से मैं भी,
परेशान हूं,
तेरे दर का भिखारी हूं मैं,
थोड़ा नादान हूं,
किस्मत के मारे हैं,
गले से लगा ले,
खाटू वाले,
ओ खाटू वाले।।
हम भक्तों को,
तेरा ही सहारा है,
तेरे बिना मेरे बाबा,
अब ना गुजारा है,
भंवर में है नैया,
पार लगा दे,
खाटू वाले,
ओ खाटू वाले।।
‘संत गुरु शिव नारायण’,
तेरा दास है,
तेरे ‘ओमी’ को बस तेरे,
दर्शन की आस है,
‘गौरी’ को अपनी,
शरण में बुला ले,
खाटू वाले,
ओ खाटू वाले।।
खाटू वाले,
ओ खाटू वाले,
कभी तेरे दर पे,
हमें भी बुला ले,
खाटू वाले,
ओ खाटू वाले।।
भजन का भावार्थ
इस भजन में भक्त अपने जीवन के संघर्षों और परेशानियों को श्री खाटू श्याम बाबा के चरणों में समर्पित करता है। वह स्वयं को बाबा का भिखारी मानते हुए उनसे केवल इतना चाहता है कि वे उसे अपने दरबार में बुला लें और अपने स्नेह से गले लगा लें।
“भंवर में है नैया, पार लगा दे” पंक्ति जीवन की कठिन परिस्थितियों का प्रतीक है। भक्त का विश्वास है कि जब जीवन की नैया बीच भंवर में फँस जाए, तब केवल श्याम बाबा ही उसे सुरक्षित किनारे तक पहुँचा सकते हैं।
इस भजन का आध्यात्मिक संदेश
- भगवान का दर ही सच्चे भक्त का सबसे बड़ा सहारा है।
- कठिन समय में ईश्वर पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
- सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।
- भगवान अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते।
- समर्पण और श्रद्धा से जीवन का मार्ग सरल हो जाता है।
यह भजन कब गाया जाता है?
यह भजन विशेष रूप से इन अवसरों पर गाया जाता है—
- खाटू श्याम संकीर्तन
- श्याम बाबा जागरण
- फाल्गुन मेला
- सत्संग एवं भजन संध्या
- खाटू धाम यात्रा
- दैनिक पूजा एवं भक्ति
भजन विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भजन | खाटू वाले ओ खाटू वाले |
| मुख्य पंक्ति | कभी तेरे दर पे हमें भी बुला ले |
| आराध्य | श्री खाटू श्याम बाबा |
| गायक | गौरी शरण इंदौरी |
| गीतकार | ओमी उइके (नागपुर) |
| तर्ज | जाने वाले ओ जाने वाले |
| भाषा | हिंदी |
| श्रेणी | खाटू श्याम भजन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
“खाटू वाले ओ खाटू वाले” किस भगवान का भजन है?
यह भजन श्री खाटू श्याम बाबा को समर्पित है।
इस भजन के गायक कौन हैं?
इस भजन को गौरी शरण इंदौरी जी ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है।
इस भजन के गीतकार कौन हैं?
इस भजन की रचना ओमी उइके (नागपुर) ने की है।
इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
यह भजन भगवान की शरण, उनकी कृपा और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति के लिए की गई सच्ची प्रार्थना का संदेश देता है।
यह भजन किन अवसरों पर गाया जाता है?
यह भजन खाटू श्याम संकीर्तन, जागरण, सत्संग, फाल्गुन मेले और दैनिक भक्ति में श्रद्धापूर्वक गाया जाता है।
निष्कर्ष
“खाटू वाले ओ खाटू वाले” एक ऐसा श्याम भजन है जो भक्त के हृदय की सच्ची पुकार को स्वर देता है। जब जीवन की राह कठिन लगने लगे और हर ओर निराशा दिखाई दे, तब यह भजन विश्वास दिलाता है कि श्री खाटू श्याम बाबा अपने भक्तों को कभी अकेला नहीं छोड़ते। उनकी शरण में जाने वाला भक्त सदैव आशा, साहस और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करता है।
॥ जय श्री श्याम ॥
