आज कन्हैया से कह दो लिरिक्स | किस्मत वालों को मिलती है ये कीर्तन की रात | कृष्ण भजन
आज कन्हैया से कह दो लिरिक्स
आज कन्हैया से कह दो – श्रीकृष्ण के चरणों में मन की बात कहने का भावपूर्ण भजन
“आज कन्हैया से कह दो” एक अत्यंत भावपूर्ण श्रीकृष्ण भजन है, जो भक्तों को यह प्रेरणा देता है कि जब भी भगवान के नाम का कीर्तन करने का अवसर मिले, तब अपने मन की हर बात निस्संकोच प्रभु के सामने रख देनी चाहिए। यह भजन विश्वास दिलाता है कि भगवान श्रीकृष्ण केवल शब्द नहीं सुनते, बल्कि भक्त के हृदय के भावों को भी भली-भांति समझते हैं।
इस भजन की सबसे लोकप्रिय पंक्ति “किस्मत वालों को मिलती है ये कीर्तन की रात” हमें याद दिलाती है कि भजन-कीर्तन का अवसर स्वयं भगवान की कृपा से प्राप्त होता है। ऐसे पावन क्षणों में की गई प्रार्थना, भक्ति और समर्पण भक्त के जीवन में नई आशा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस सुंदर भजन को दीपांशु अग्रवाल जी ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है तथा इसके हृदयस्पर्शी बोल दिनेश जी माहेश्वरिया (दीनू जी) द्वारा लिखे गए हैं। यह भजन कीर्तन, सत्संग, जन्माष्टमी उत्सव, श्रीकृष्ण भक्ति समारोह और पारिवारिक भजन संध्या में विशेष श्रद्धा के साथ गाया जाता है।
आज कन्हैया से कह दो लिरिक्स (Lyrics)
आज कन्हैया से कह दो,
अपने मन की बात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
प्रेम की भाषा को मेरा,
साँवरा जाने,
प्रेमियों के दर्द को,
ये ही तो पहचाने,
इनसे आज छुपाओ ना,
तुम अपने हालात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
भाव से मेरे कन्हैया,
रीझ जाते है,
प्रेम के बंधन में ये,
खींचे ही आते है,
इनकी महफ़िल में होती,
करुणा की बरसात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
ये तेरे विश्वास को,
ना टूटने देंगे,
पोंछ कर आसूँ तुझे,
गले से लगा लेंगे,
‘दीनू’ इन्ही से जीवन में,
पाई हर सौगात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
आज कन्हैया से कह दो,
अपने मन की बात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
Singer – Deepanshu Agarwal
Lyrics – Dinesh ji Mahensaria (Dinu Ji)
भजन का भावार्थ
इस भजन में भक्तों को प्रेरित किया गया है कि वे भगवान श्रीकृष्ण के सामने अपने मन की हर बात खुलकर रखें। भगवान को केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि सच्चे मन का प्रेम और विश्वास सबसे अधिक प्रिय होता है। जब भक्त अपने दुख, सुख, चिंता और आशा प्रभु को समर्पित करता है, तब उसे आंतरिक शांति और आत्मविश्वास प्राप्त होता है।
भजन यह भी बताता है कि भगवान श्रीकृष्ण प्रेम के वशीभूत होकर अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं। जो व्यक्ति सच्चे भाव से उनका स्मरण करता है, उस पर उनकी कृपा और करुणा सदैव बनी रहती है।
इस भजन का आध्यात्मिक संदेश
- भगवान से अपने मन की बात कहने में कभी संकोच नहीं करना चाहिए।
- सच्ची भक्ति का आधार प्रेम, विश्वास और समर्पण है।
- भजन-कीर्तन ईश्वर से जुड़ने का श्रेष्ठ माध्यम है।
- भगवान अपने भक्तों के दुख-दर्द को समझते हैं।
- श्रद्धा और विश्वास से जीवन में नई आशा और शक्ति का संचार होता है।
यह भजन कब गाया जाता है?
यह भजन विशेष रूप से इन अवसरों पर गाया जाता है—
- श्रीकृष्ण कीर्तन
- जन्माष्टमी महोत्सव
- सत्संग एवं भजन संध्या
- श्रीमद्भागवत कथा
- राधा-कृष्ण भक्ति कार्यक्रम
- दैनिक पूजा एवं भजन
भजन विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भजन | आज कन्हैया से कह दो |
| मुख्य पंक्ति | किस्मत वालों को मिलती है ये कीर्तन की रात |
| आराध्य | भगवान श्रीकृष्ण |
| गायक | दीपांशु अग्रवाल |
| गीतकार | दिनेश जी माहेश्वरिया (दीनू जी) |
| भाषा | हिंदी |
| श्रेणी | कृष्ण भजन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
“आज कन्हैया से कह दो” किस भगवान को समर्पित भजन है?
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।
इस भजन के गायक कौन हैं?
इस भजन को दीपांशु अग्रवाल जी ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है।
इस भजन के गीतकार कौन हैं?
इस भजन की रचना दिनेश जी माहेश्वरिया (दीनू जी) ने की है।
इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण पर विश्वास रखने, अपने मन की बात उनसे साझा करने और प्रेमपूर्ण भक्ति का संदेश देता है।
यह भजन किन अवसरों पर गाया जाता है?
यह भजन जन्माष्टमी, श्रीकृष्ण कीर्तन, सत्संग, भजन संध्या और दैनिक भक्ति के समय श्रद्धापूर्वक गाया जाता है।
निष्कर्ष
“आज कन्हैया से कह दो” केवल एक भजन नहीं, बल्कि हर भक्त के लिए यह प्रेरणा है कि वह अपने जीवन की हर खुशी, हर चिंता और हर प्रार्थना भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित करे। सच्चे प्रेम और विश्वास से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। यह भजन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर की करुणा और कृपा सदैव अपने भक्तों के साथ रहती है।
॥ जय श्री राधे कृष्ण ॥
