शम्भू पैयाँ पड़ूँ, तोहे विनती करूँ Lyrics
“शम्भू पैयाँ पड़ूँ, तोहे विनती करूँ” भगवान शिव की करुणा, कृपा और दिव्य दर्शन की याचना से भरा अत्यंत भावपूर्ण शिव भजन है। इस भजन में भक्त भोलेनाथ के चरणों में समर्पित होकर उनकी कृपा, शक्ति और आशीर्वाद की प्रार्थना करता है। प्रसिद्ध गायक कीर्ति सगाथिया की मधुर आवाज़ और पद्मश्री तुषार शुक्ल जी के सुंदर शब्द इस भजन को विशेष बनाते हैं।
शम्भू पैयाँ पड़ूँ, तोहे विनती करूँ Lyrics in Hindi
दोहा
एक बिलपत्रम एक पुष्पम,
एक लोटा जल की धार,
दयालु प्रभु रीझ के देत है,
चंद्र मोली फल चार।
बाघम्बरम भस्मांबरम,
जटाजुट लिबास,
आसन जमा के बैठे है,
कृपा सिंधु कैलाश।
शम्भू पैयाँ पड़ूँ,
तोहे विनती करूँ,
किरपा कीजो,
दया करके,
शिव दर्शन दीजो।।
तर्ज – शम्भू शरणे पड़ी।
भाल पे चंद्र चिता भस्म सोहे,
भाविक भक्तों को शिव रूप मोहे,
शंभु करुणा करो,
विषधर कंठ धरो,
अमृत दीजो,
दया करके,
शिव दर्शन दीजो।।
वेद नेति नेति कहके हारे,
हर हर महादेव कहके पुकारे,
सारे जग में है तू,
मैं भी तेरे में हूँ,
शक्ति दीजो,
दया करके,
शिव दर्शन दीजो।।
हूं तो एकल पंथी प्रवासी,
छता आतम केम उदासी,
तारी पूजा करू,
मनमा धीर धरु,
आशीष दीजो,
दया करके,
शिव दर्शन दीजो।।
शम्भू पैयाँ पड़ूं,
तोहे विनती करूँ,
किरपा कीजो,
दया करके,
शिव दर्शन दीजो।।
भजन की जानकारी
- भजन: शम्भू पैयाँ पड़ूँ, तोहे विनती करूँ
- श्रेणी: शिव भजन
- गायक (Singer): Keerthi Sagathia
- गीतकार (Lyrics): Padma Shri Tushar Shukla Ji
- तर्ज: शम्भू शरणे पड़ी
भजन का भावार्थ
“शम्भू पैयाँ पड़ूँ, तोहे विनती करूँ” एक ऐसी प्रार्थना है जिसमें भक्त भगवान शिव के चरणों में पूर्ण समर्पण के साथ उनकी कृपा, शक्ति और दर्शन की याचना करता है। भजन यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा से अर्पित किया गया एक बिल्वपत्र, एक पुष्प और जल की एक धारा भी भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पर्याप्त है। यह भजन सावन, महाशिवरात्रि, शिव आराधना और दैनिक पूजा के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
FAQs
1. “शम्भू पैयाँ पड़ूँ, तोहे विनती करूँ” भजन किस भगवान को समर्पित है?
यह भजन भगवान शिव (महादेव, भोलेनाथ) को समर्पित एक अत्यंत भावपूर्ण प्रार्थना है।
2. इस भजन के गायक कौन हैं?
इस भजन को प्रसिद्ध गायक Keerthi Sagathia ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है।
3. इस भजन के गीतकार कौन हैं?
इस भजन के गीत Padma Shri Tushar Shukla Ji द्वारा लिखे गए हैं।
4. इस भजन की तर्ज क्या है?
इस भजन की तर्ज – “शम्भू शरणे पड़ी” है।
5. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
यह भजन भगवान शिव की करुणा, कृपा, शक्ति, आशीर्वाद और दिव्य दर्शन प्राप्त करने की विनम्र प्रार्थना का संदेश देता है।
6. यह भजन कब गाया जा सकता है?
यह भजन विशेष रूप से सावन मास, महाशिवरात्रि, सोमवार की शिव पूजा, रुद्राभिषेक तथा अन्य शिव आराधना के अवसर पर गाया जाता है।
