तेरा दर ओ मेरे बाबा मेरा घर है लिरिक्स | तुझे ही देखना चाहे ये नज़र है | खाटू श्याम भजन
तेरा दर ओ मेरे बाबा मेरा घर है लिरिक्स
तेरा दर ओ मेरे बाबा – श्री श्याम की शरण में ही भक्त का सच्चा घर
“तेरा दर ओ मेरे बाबा, मेरा घर है” एक अत्यंत भावपूर्ण खाटू श्याम भजन है, जिसमें भक्त अपने आराध्य श्री खाटू श्याम बाबा के प्रति पूर्ण समर्पण और अटूट विश्वास व्यक्त करता है। इस भजन में भक्त कहता है कि उसके लिए संसार का सबसे सुरक्षित और पवित्र स्थान श्याम बाबा का दरबार ही है। वही उसका घर है, वही उसकी मंज़िल है और वही उसके जीवन का सबसे बड़ा सहारा है।
भजन की मुख्य पंक्ति “तुझे ही देखना चाहे ये नज़र है” इस बात का प्रतीक है कि सच्चे भक्त की दृष्टि हर समय अपने प्रभु के दर्शन के लिए व्याकुल रहती है। वह भगवान की कृपा के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता और हर सफलता का श्रेय उन्हीं को देता है।
इस मधुर भजन को अभिषेक नामा जी ने अपनी भावपूर्ण आवाज़ में प्रस्तुत किया है, जबकि इसके हृदयस्पर्शी बोल नितेश शर्मा ‘गोलू’ द्वारा लिखे गए हैं। यह भजन श्याम संकीर्तन, सत्संग, जागरण और खाटू धाम की भक्ति सभाओं में बड़े प्रेम और श्रद्धा से गाया जाता है।
तेरा दर ओ मेरे बाबा मेरा घर है लिरिक्स (Lyrics)
तेरा दर ओ मेरे बाबा,
मेरा घर है,
तुझे ही देखना चाहे,
ये नजर है।।
तर्ज – मुझे हक़ है।
तेरी कृपा से ही चले,
ये जिंदगी मेरी तो,
तुमसे शुरू तुम्ही पे खतम,
है हर खुशी मेरी तो,
इतनी ही अरज मेरी,
इतना ही कहना,
तू कहीं छोड़ ना जाए,
यही डर है,
तेरा दर ओं मेरे बाबा,
मेरा घर है,
तुझे ही देखना चाहे,
ये नजर है।।
सोचता हूँ मैं कभी,
के बिन तेरे मैं क्या हूँ,
तेरी ही दया को पा के,
मैं प्रभु खड़ा हूँ,
सांस तू तू धड़कने,
जान तू मेरी,
‘गोलू’ तो तुझपे ही बाबा,
निर्भर है,
तेरा दर ओं मेरे बाबा,
मेरा घर है,
तुझे ही देखना चाहे,
ये नजर है।।
तेरा दर ओ मेरे बाबा,
मेरा घर है,
तुझे ही देखना चाहे,
ये नजर है।।
Singer – Abhishek Nama
Lyricist – Nitesh Sharma ‘Golu’
भजन का भावार्थ
इस भजन में भक्त श्री खाटू श्याम बाबा के प्रति अपना पूर्ण समर्पण व्यक्त करता है। वह स्वीकार करता है कि उसके जीवन की हर खुशी, हर सफलता और हर साँस भगवान की कृपा से ही संभव है। इसलिए उसके लिए बाबा का दरबार ही सबसे सुरक्षित स्थान और सच्चा घर है।
भजन की पंक्ति “तू कहीं छोड़ ना जाए, यही डर है” भक्त के गहरे प्रेम और विश्वास को दर्शाती है। यहाँ किसी सांसारिक भय की नहीं, बल्कि भगवान से दूर हो जाने की चिंता व्यक्त की गई है। यही भाव सच्ची भक्ति का आधार है।
इस भजन का आध्यात्मिक संदेश
- भगवान का दरबार ही भक्त का वास्तविक आश्रय है।
- जीवन की प्रत्येक सफलता ईश्वर की कृपा का परिणाम है।
- सच्ची भक्ति में अहंकार नहीं, केवल समर्पण होता है।
- ईश्वर से जुड़ाव जीवन को स्थिरता और शांति प्रदान करता है।
- जो भक्त प्रभु पर पूर्ण विश्वास रखता है, वह कभी अकेला नहीं रहता।
यह भजन कब गाया जाता है?
यह भजन विशेष रूप से इन अवसरों पर गाया जाता है—
- खाटू श्याम संकीर्तन
- श्याम बाबा जागरण
- फाल्गुन मेला
- सत्संग एवं भजन संध्या
- खाटू धाम यात्रा
- दैनिक पूजा एवं भक्ति
भजन विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भजन | तेरा दर ओ मेरे बाबा मेरा घर है |
| मुख्य पंक्ति | तुझे ही देखना चाहे ये नज़र है |
| आराध्य | श्री खाटू श्याम बाबा |
| गायक | अभिषेक नामा |
| गीतकार | नितेश शर्मा ‘गोलू’ |
| तर्ज | मुझे हक़ है |
| भाषा | हिंदी |
| श्रेणी | खाटू श्याम भजन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
“तेरा दर ओ मेरे बाबा मेरा घर है” किस भगवान को समर्पित भजन है?
यह भजन श्री खाटू श्याम बाबा को समर्पित है।
इस भजन के गायक कौन हैं?
इस भजन को अभिषेक नामा जी ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है।
इस भजन के गीतकार कौन हैं?
इस भजन की रचना नितेश शर्मा ‘गोलू’ ने की है।
इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
यह भजन भगवान की शरण, पूर्ण समर्पण, विश्वास और उनकी कृपा पर निर्भर रहने का संदेश देता है।
यह भजन किन अवसरों पर गाया जाता है?
यह भजन खाटू श्याम संकीर्तन, जागरण, सत्संग, फाल्गुन मेले और दैनिक पूजा के दौरान श्रद्धापूर्वक गाया जाता है।
निष्कर्ष
“तेरा दर ओ मेरे बाबा मेरा घर है” एक ऐसा खाटू श्याम भजन है जो हर भक्त को यह अनुभव कराता है कि भगवान का दरबार केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, प्रेम और सुरक्षा का वास्तविक घर है। जब भक्त अपने जीवन की हर डोर प्रभु को सौंप देता है, तब भय समाप्त हो जाता है और विश्वास का नया प्रकाश उसके जीवन को आलोकित कर देता है।
॥ जय श्री श्याम ॥
